Sunday, 19 July 2020

नेपाल की बिना गारंटी वाली: चाइनीज़ जुबान!

      नेपाल से चाइनीज माल की सप्लाई तो काफी लंबे समय से होती रही है मगर आजकल तो नेपाल की तरफ से से बिना गारंटी और वारंटी वाली चाइनीज टाइप  खबरें आ रही हैं।🤣
वैसे नेपाल खुद को एक संप्रभु राष्ट्र यानी कि सुवरीन कंट्री कहता है मगर आजकल उसके सस्ते, हल्के और बिना वारंटी वाले😀 बड़े-बड़े बोल सुनकर तो लगता है कि उसका प्रभु कोई और ही होता जा रहा है!🤣वरना वो कुछ भी करता मगर प्रभु श्री राम की जन्म भूमि  पर दावा करने की जुर्र्त तो कम से कम नहीं ही करता!👏👏

वैसे नेपाल समझदार है उसने देख लिया कि लिंपियाधूरा, काला पानी और लिपुलेख पर तो उसका दावा किसी काम का नहीं है क्योंकि हमारी सेना तो सपने में भी  उसे इन जगहों को छूने नहीं देगी इसलिए उसने इस बार चतुराई दिखाते हुए  माइथोलॉजी का सहारा लिया।😀

सब जानते हैं कि भगवान शिव का प्रसिद्ध पशुपतिनाथ का मंदिर नेपाल में है। लाखों भारतीय प्रतिवर्ष इस मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं। नेपाल चाहता तो भोलेनाथ पर भी अपना कब्जा बता सकता था मगर नेपाल जानता है कि आजकल भारत में राम राज चल रहा है😂😂 इसलिए उसने बाकी देवताओं पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश नहीं की, और सीधे श्री राम पर अटैक किया।😂

सुना है कि नेपाल के थोरी नामक जगह पर श्री राम जन्मभूमि की खुदाई की जाएगी मगर खुदाई करने वालों को कौन समझाए कि राम मिट्टी की खुदाई से नहीं अंतर्मन की खुदाई से मिलते हैं! मिट्टी के नीचे तो न वो भारत में मिले और ना नेपाल में मिलेंगे और मिल भी जाएंगे तो किसी काम ना आएंगे!👏👏
इधर भारत में चुटकी लेने वाले कुछ लोग कह रहे हैं कि अगर राम नेपाल के थे, रावण लंका का था तो तो नेपाल इस बात का हिसाब दे कि राम रावण युद्ध में भारत से बंदरों की सप्लाई किस आधार पर की गई!😃 भारत के जितने वानर उस युद्ध में मारे गए नेपाल  इन सब का मुआवजा दे।😂इस हिसाब से अगर कैलकुलेट करेंगे तो कम से कम आधा नेपाल गिरवी रखना पड़ेगा!🤣

 कुछ खबर नवीसों का कहना है कि अभी तो नेपाल ने केवल राम पर कब्जा किया है कुछ दिनों बाद वह  चीन के इशारे पर हमारे नव ग्रहों यानी कि  सूर्य, बुध, मंगल, पृथ्वी, शुक्र, शनि वगैरा-वगैरा  पर भी कब्जा  कर सकता है। वैसे मेरी व्यक्तिगत राय है कि यदि वास्तव में ऐसा होता है  तो  शनि, राहु, केतु  को तो हर हालत में नेपाल को सौंप दिया जाना चाहिए 🤣क्योंकि इन 3 पाप ग्रहों ने भारत के कई लोगों को अंधविश्वास के दलदल में डूबो रखा है।😂लेकिन वहीं ये बात भी  गौरतलब है कि इन तीनों की बदौलत बेचारे कई विद्वान पंडितों, ज्योतिषियों और ठगों की गृहस्थी चल रही है। 😂 ऐसे में  ग्रहों के हस्तांतरण का मामला भी खटाई में पड़ता हुआ ही नजर आ रहा है!🤣क्योंकि ऐसा करने से कोरोना की साढ़ेसाती से पीड़ित चल रही अर्थव्यवस्था पर शनिचरी ढैय्या और गुरु चांडाल योग का घातक प्रहार भी हो सकता है!

इस तरह अगर देखें तो कोई सीमा की बात कर रहा है, कोई भगवान की बात कर रहा है, कोई बंदरों की बात कर रहा है, कोई शनि, राहु और केतु की बात कर रहा है मगर इन सबके बीच कोई भी ऐसा नहीं है जो कि इंसानों की बात कर रहा हो!👏👏

लोग कह रहे हैं कि नेपाल पर चीनी प्रभाव के कारण ऐसा हो रहा है। मगर हमारी समझ से चीनी प्रभाव कितना ही कड़वा क्यों ना हो वह नेपाल और भारत के ऐतिहासिक और सामाजिक संबंधों की मिठास को कम नहीं कर पाएगा। हमारी संस्कृति, हमारी भाषा, हमारे रीति रिवाज, हमारे लोक पर्व सब साझे हैं। सच यह है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत एक है। हमारे अतीत के पन्ने परस्पर सौहार्द और पारिवारिक संबंधों की मिठास से जुड़े हुए हैं। इसको ना तो नेपाल के कुछ बेवकूफ अलग कर सकते और नहीं भारत के! और चीनी करेले तो बिल्कुल भी नहीं!

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