मृत्यु अंतिम सत्य है क्या?
नहीं......तो?
एक बिन्दु है निर्माण और विघटन की प्रक्रिया का.
तुम्हारे पुनः अस्तित्व में विलीन हो जाने का.
और फिर सृजन के द्वार तलाशने का.
फिर किसी जीवन को पाने का या फिर.
किसी और को जिलाने का!
उस 'बैक्टीरिया' का जिस्म बन जाने का
जो घुस जया करता था कभी तुम्हारे इसी जिस्म में।
चक्र की इन अवस्थाओं में
अंतिम सत्य कुछ भी नहीं...
सब कल्प है
सब गल्प है..
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